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विवाह मुहूर्त 2026 — शुभ तिथियाँ, शुभ समय

विवाह मुहूर्त 2026 — शुभ विवाह तिथियाँ, लग्न का समय और नक्षत्र। अपने शहर के लिए सटीक मुहूर्त पंचांग टूल से देखें।

सही मुहूर्त कैसे चुनें

हिन्दू परंपरा में विवाह शुभ मुहूर्त में ही किया जाता है। मुहूर्त चुनते समय तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — पाँचों अंग देखे जाते हैं। कुछ तिथियाँ (द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी — शुक्ल पक्ष) और नक्षत्र (रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती) विवाह के लिए विशेष शुभ माने जाते हैं।

रविवार, मंगलवार, शनिवार और अमावस्या को सामान्यतः विवाह के लिए वर्जित माना जाता है। इसके अलावा राहु काल, यमगण्ड और गुलिका काल में विवाह नहीं करना चाहिए।

2026 में अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) और कुछ शुक्ल पक्ष तिथियाँ विवाह के लिए सर्वोत्तम मानी जा रही हैं। अपने शहर के लिए सटीक विवाह मुहूर्त नीचे दिए पंचांग टूल से देखें — यह हर तिथि के लिए विवाह की शुभता का स्कोर दिखाता है।

🛠 अपना पंचांग देखें — मुफ्त टूल

किसी भी भारतीय शहर के लिए आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय/सूर्यास्त, राहु काल, अभिजीत मुहूर्त और चौघड़िया देखें:

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में विवाह के शुभ दिन कौन से हैं?

अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) सबसे प्रमुख है, साथ ही कई शुक्ल पक्ष तिथियाँ। पूरी सूची पंचांग टूल में उपलब्ध है।

विवाह में कौन सा नक्षत्र शुभ है?

रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती विवाह के लिए शुभ माने जाते हैं।

विवाह के लिए कौन से दिन वर्जित हैं?

रविवार, मंगलवार, शनिवार, अमावस्या और राहु काल/यमगण्ड/गुलिका के समय विवाह वर्जित माने जाते हैं।