पंचांग क्या है — अर्थ, 5 अंग और कैसे पढ़ें
पंचांग क्या है? — पाँच अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) का अर्थ और पंचांग पढ़ने का तरीका।
त्वरित उत्तर
पंचांग शब्द का अर्थ है 'पाँच अंग' — ये पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। हिन्दू कैलेंडर में किसी भी दिन की शुभता इन्हीं पाँच अंगों से तय होती है।
तिथि चन्द्रमा और सूर्य के अंतर से बनती है (चान्द्र दिवस), वार सप्ताह का दिन है, नक्षत्र चन्द्रमा की स्थिति वाला तारा समूह, योग सूर्य-चन्द्र की दूरी से बनने वाला अंग, और करण आधी तिथि का अंग है।
किसी भी दिन शुभ कार्य करने से पहले पंचांग देखें — राहु काल, यमगण्ड, गुलिका जैसे अशुभ समय से बचें। हर दिन का पंचांग नीचे दिए टूल से मुफ्त देखें।
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किसी भी भारतीय शहर के लिए आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय/सूर्यास्त, राहु काल, अभिजीत मुहूर्त और चौघड़िया देखें:
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — ये पाँच अंग हैं।
पंचांग में राहु काल क्या है?
राहु काल हर दिन का अशुभ समय होता है (लगभग 90 मिनट) जिसमें शुभ कार्य वर्जित हैं।
आज का पंचांग कैसे देखें?
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